आसमाँ देखते रहे हिंदी कविता Hindi poetry

उठी उसकी डोली ‌जिस‌ दिन
हम एक नजर ताकते रहे,
छलक कर आंसू गिर न जाए धरती पर
हम आसमाँ देखते रहे।

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