सिवा तुम्हारे Hindi poetry #Shiva tumhare sayri शायरी ‌शॉर्ट हिन्दी poetry

नहीं लगती है किसी मरज की दवा हमारे,
जीने का ना कोई मक़सद ‌सिवा तुम्हारे।
दिख जाते हों एक नजर तो खिल जाते हैं दिल हमारे,
बैचेनी सी रहती है दिल में बिना तुम्हारे,
क्या दवा है इस मरज की कौन जाने सिवा तुम्हारे।

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